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<title> حیات </title>
<link>http://hayat.tums.ac.ir</link>
<description>حیات - مقالات نشریه - سال 1395 جلد22 شماره3</description>
<generator>Yektaweb Collection - https://yektaweb.com</generator>
<language>fa</language>
<pubDate>1395/7/10</pubDate>

					<item>
						<title>بررسی رابطه بین توانمندسازی ساختاری و روان‌شناختی با رضایت شغلی پرستاران</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1510&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;رضایتمندی شغلی از اساسی ترین مؤلفه های بهداشت روانی در هر شغل و حرفه و یکی از مهم ترین عوامل در موفقیت شغلی است. بنابراین شناسایی عوامل مؤثر بر رضایت شغلی &lt;/em&gt;&lt;em&gt;ضروری می باشد.&lt;/em&gt;&lt;em&gt; یکی از این عوامل، توانمندسازی کارکنان است. هدف پژوهش حاضر &lt;/em&gt;&lt;em&gt;تعیین رابطه بین توانمندسازی ساختاری و روان شناختی با رضایت شغلی پرستاران &lt;/em&gt;&lt;em&gt;می باشد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;در این پژوهش مقطعی- همبستگی، جامعه آماری &lt;/em&gt;&lt;em&gt;کلیه پرستاران شاغل در بیمارستان های دولتی شهر مشهد (4300 نفر)&lt;/em&gt;&lt;em&gt; در سال 1394 بودند&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; نمونه پژوهش 340 نفر از پرستاران بودند که با استفاده از روش نمونه گیری خوشه ای چند مرحله ای، انتخاب شدند. شرکت کنندگان با استفاده از &lt;/em&gt;&lt;em&gt;پرسشنامه شرایط اثربخشی کار-2 (&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CWEQ-II&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)، پرسشنامه توانمندسازی روان شناختی (&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;PEQ&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) و شاخص توصیفی شغل (&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;JDI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)&lt;/em&gt;&lt;em&gt; مورد سنجش قرار گرفتند. برای تحلیل داده ها، از ضریب همبستگی پیرسون و تحلیل رگرسیون با استفاده از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.19&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و در بخش اعتباریابی از تحلیل عامل تأییدی با استفاده از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;AMOS-21&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; استفاده شد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;یافته ها نشان داد، رابطه چندگانه معناداری بین مؤلفه های توانمندسازی ساختاری و توانمندسازی روان شناختی با رضایت شغلی وجود دارد (286/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;R&lt;sup&gt;2&lt;/sup&gt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، 001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;). از بین هشت متغیری که در تحلیل رگرسیون به روش مرحله ای وارد شدند سه متغیر احساس معناداری (30/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;beta;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، 001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)، احساس مؤثر بودن (25/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;beta;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، 001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) و دسترسی به حمایت (13/0= &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;beta;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، 001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) با همدیگر 6/28% واریانس رضایت شغلی را پیش بینی می کنند.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;نتایج، اهمیت توانمندسازی روان شناختی، احساس معناداری، احساس مؤثر بودن و دسترسی به حمایت را به عنوان پیش بین های قوی برای رضایت شغلی نشان می دهد. بنابراین توصیه می شود با فراهم ساختن شرایط لازم برای توانمندسا&lt;/em&gt;&lt;em&gt;زی&lt;/em&gt;&lt;em&gt; پرستاران، رضایت شغلی و به دنبال آن کارایی و احساس رضایت از زندگی آنان افزایش یابد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>طیبه رحیمی پردنجانی</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>ارتباط خشونت دوران بارداری با تولد نوزاد کم وزن: یک مطالعه فراتحلیل</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1524&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;خشونت در دوران بارداری، هم مادر و هم جنین را تحت تأثیر قرار می دهد. مطالعه حاضر با هدف تعیین ارتباط خشونت فیزیکی، جنسی و روانی در دوران بارداری با تولد نوزاد کم وزن در جهان، به صورت فراتحلیل انجام یافته است&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt; در این &lt;/em&gt;&lt;em&gt;مطالعه فراتحلیل، مقالات فارسی و انگلیسی زبان منتشر شده از ابتدای سال 1995 تا پایان 2015&lt;/em&gt; &lt;em&gt;بررسی شد. جستجو در بانک&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; &lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;های اطلاعاتی &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Scopus&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Medline&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;EMBASE&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Pubmed&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Web of Science&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SID&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Medlib&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Magiran&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Irandoc&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Science Direct&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Google scholar&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; با استفاده از واژگان کلیدی خشونت دوران بارداری، کم وزنی بدو تولد، خشونت جسمی، جنسی و روانی و ترکیبات آن صورت گرفت. نتایج مطالعات با استفاده از مدل اثرات تصادفی در فراتحلیل با هم ترکیب شدند. ناهمگنی مطالعات با استفاده از شاخص &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;I&lt;sup&gt;2&lt;/sup&gt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt; &lt;em&gt;و متارگرسیون ارزیابی و تجزیه و تحلیل داده ها با استفاده از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;STATA v.11.2&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.16&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; انجام یافت&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;از تعداد 254 مقاله یافت شده، 16 مقاله مرتبط، با تعداد نمونه 117287 نفر وارد مطالعه شد. نتایج فراتحلیل نشان داد، خشونت فیزیکی، روانی و جنسی در دوران بارداری به ترتیب موجب افزایش 61/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;(28/2 -04/2: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)، 26/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; (56/1-02/1: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) و 26/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; (56/1-02/1: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) برابر خطر تولد نوزاد کم وزن در مادران مواجهه یافته می شود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;خشونت فیزیکی، روانی و جنسی در دوران بارداری موجب افزایش تولد نوزاد کم وزن در مادران مواجهه یافته می شود. لذا پیشنهاد می گردد غربالگری مادران و&lt;/em&gt;&lt;em&gt; انجام مشاوره توسط پزشکان و کارکنان آموزش دیده، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;قبل و طی بارداری در برنامه های مراقبت از زنان قرار گیرد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;وزن هنگام تولد یکی از مهم ترین شاخص های ارزیابی وضعیت بهداشتی جامعه می باشد. خشونت در دوران بارداری، هم مادر و هم جنین را تحت تأثیر قرار می دهد و منجر به عواقب غیرقابل جبرانی می شود. مطالعه حاضر با هدف تعیین ارتباط خشونت فیزیکی، جنسی و روانی در دوران بارداری با تولد نوزاد کم وزن در جهان، به صورت فراتحلیل انجام یافته است&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;مطالعه حاضر یک مطالعه فراتحلیل است که در مورد مقالات فارسی و انگلیسی زبان منتشر شده از ابتدای سال 1995 تا پایان سال 2015&lt;/em&gt; &lt;em&gt;انجام یافته است. مقالات یاد شده با جستجو در بانک&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; &lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;های اطلاعاتی &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Scopus&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Medline&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;EMBASE&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Pubmed&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Web of Science&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SID&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Medlib&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Magiran&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Irandoc&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Science Direct&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Google scholar&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; با استفاده از واژگان کلیدی خشونت دوران بارداری، کم وزنی بدو تولد، خشونت جسمی، جنسی و روانی و ترکیبات آن ها استخراج شدند. نتایج مطالعات با استفاده از مدل اثرات تصادفی در فراتحلیل با هم ترکیب شدند. ناهمگنی مطالعات با استفاده از شاخص &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;I&lt;sup&gt;2&lt;/sup&gt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt; &lt;em&gt;و متارگرسیون ارزیابی و تجزیه و تحلیل داده ها با استفاده از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;STATA v.11.2&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.16&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; انجام یافت&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;از تعداد 254 مقاله یافت شده، 16 مقاله مرتبط، با تعداد نمونه 117287 نفر وارد مطالعه شد. نتایج فراتحلیل نشان داد، خشونت فیزیکی، روانی و جنسی در دوران بارداری به ترتیب موجب افزایش 61/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;(28/2 -04/2: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)، 26/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; (56/1-02/1: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) و 26/1:&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;OR&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; (56/1-02/1: %95&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;CI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) برابر خطر تولد نوزاد کم وزن در مادران مواجهه یافته می شود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;براساس &lt;/em&gt;&lt;em&gt;نتایج، خشونت فیزیکی، روانی و جنسی در دوران بارداری موجب افزایش تولد نوزاد کم وزن در مادران مواجهه یافته می شود. لذا پیشنهاد می گردد مسؤولان ذیربط با اجرای برنامه های آموزشی و مداخله ای، غربالگری مادران و&lt;/em&gt;&lt;em&gt; انجام مشاوره توسط پزشکان و کارکنان آموزش دیده، &lt;/em&gt;&lt;em&gt;قبل و طی بارداری نسبت به شناسایی مادران در معرض خطر و کنترل مواجهه با خشونت در آن ها اقدام نمایند.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>کورش سایه میری</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>ارزیابی ویژگی های روان‌سنجی مقیاس گسترده شده اضطراب مرگ تمپلر در نمونه ای از جانبازان شیمیایی ایران</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1536&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;جهت فراهم کردن مراقبت با کیفیت&lt;/em&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt; افزایش &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;درک از اضطراب مرگ میان فرهنگ های مختلف و جمعیت های بیمار ضروری است. برای بررسی اضطراب مرگ ابزار روا و پایا و سازگار با فرهنگ لازم است. هدف مطالعه حاضر بررسی ویژگی های روان سنجی مقیاس گسترده شده اضطراب مرگ تمپلر در نمونه ای از جانبازان شیمیایی جنگ ایران - عراق بود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;ه است.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;در این مطالعه روش شناسی&lt;/em&gt;&lt;em&gt;،&lt;/em&gt;&lt;em&gt; 300 نفر از جانبازان، مقیاس 51 گویه ای اضطراب مرگ تمپلر را در سال 1393 تکمیل کردند. روایی صوری، محتوا و سازه (روایی همگرا و واگرا) اضطراب مرگ مورد ارزیابی قرار گرفت. همچنین پایایی با استفاده از ضریب آلفای کرونباخ، پایایی سازه و همبستگی درون طبقه ای سنجیده شد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;نتایج تحلیل عامل اکتشافی و تأییدی، چهار عامل پایدار مجزا شامل ترس از آخرت، ترس از مواجهه با مرگ، ترس از کوتاهی زندگی و ترس از مردن به دنبال حاد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;ثه&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و اتفاق ناگوار را استخراج کرد. برازش مدل چهار عاملی سازه اضطراب مرگ&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تمپلر&lt;/em&gt;&lt;em&gt; براساس شاخص های استاندارد (078/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;RMSEA&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 612/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;PNFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 657/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;PCFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 873/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;AGFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 915/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;GFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 832/2=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;c&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;sup&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;2&lt;/span&gt;&lt;/sup&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;/df&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) &lt;/em&gt;&lt;em&gt;تأیید شد. روایی همگرا و واگرا برای تمام عامل ها مورد پذیرش بود. همچنین پایایی ابزار با استفاده از ضریب آلفای کرونباخ (88/0)، پایایی سازه (بالاتر از 70/0 و همبستگی درون &lt;/em&gt;&lt;em&gt;طبقه ای (87/0)&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تأیید شد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;سازه چهار عاملی مقیاس &lt;/em&gt;&lt;em&gt;گسترده شده &lt;/em&gt;&lt;em&gt;اضطراب مرگ تمپلر از روایی و پایایی مناسبی در میان جانبازان شیمیایی ایرانی برخوردار است. با توجه به ویژگی های روان سنجی مناسب، این ابزار می تواند در مطالعات بعدی در این جمعیت به کار رود.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;افزایش سطح درک در زمینه اضطراب مرگ میان فرهنگ های مختلف و جمعیت های بیمار جهت فراهم کردن یک مراقبت با کیفیت ضروری است. محققانی که موضوع اضطراب مرگ را بررسی می کنند، به دنبال یک ابزار روا و پایا و سازگار با فرهنگ جهت دستیابی به این هدف هستند. هدف مطالعه حاضر بررسی ویژگی های روان سنجی مقیاس گسترده شده اضطراب مرگ تمپلر در نمونه ای از جانبازان شیمیایی جنگ ایران - عراق بود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;ه است.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;در این مطالعه روش شناسی&lt;/em&gt;&lt;em&gt;،&lt;/em&gt;&lt;em&gt; 300 نفر از جانبازان، مقیاس 51 گویه ای اضطراب مرگ تمپلر را در سال 1393 تکمیل کردند. روایی صوری، محتوا و سازه (روایی همگرا و واگرا) اضطراب مرگ مورد ارزیابی قرار گرفت. همچنین پایایی با استفاده از ضریب آلفای کرونباخ، پایایی سازه و همبستگی درون طبقه ای سنجیده شد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;نتایج تحلیل عامل اکتشافی و تأییدی، چهار عامل پایدار مجزا شامل ترس از آخرت، ترس از مواجهه با مرگ، ترس از کوتاهی زندگی و ترس از مردن به دنبال حاد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;ثه&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و اتفاق ناگوار را استخراج کرد. برازش مدل چهار عاملی سازه اضطراب مرگ&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تمپلر&lt;/em&gt;&lt;em&gt; براساس شاخص های استاندارد (078/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;RMSEA&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 612/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;PNFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 657/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;PCFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 873/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;AGFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 915/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;GFI&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; ، 832/2=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;c&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;sup&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;2&lt;/span&gt;&lt;/sup&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;/df&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) &lt;/em&gt;&lt;em&gt;تأیید شد. روایی همگرا و واگرا برای تمام عامل ها مورد پذیرش بود. همچنین پایایی ابزار با استفاده از ضریب آلفای کرونباخ (88/0)، پایایی سازه (بالاتر از 70/0 و همبستگی درون &lt;/em&gt;&lt;em&gt;طبقه ای (87/0)&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تأیید شد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;نتایج مطالعه حاضر نشان داد سازه چهار عاملی مقیاس &lt;/em&gt;&lt;em&gt;گسترده شده &lt;/em&gt;&lt;em&gt;اضطراب مرگ تمپلر از روایی و پایایی مناسبی در میان جانبازان شیمیایی ایرانی برخوردار بوده است. با توجه به ویژگی های روان سنجی مناسب، این ابزار می تواند در مطالعات بعدی که به منظور ارزیابی اضطراب مرگ این جمعیت طراحی می شود به کار گرفته شود.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>محمدعلی سلیمانی</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>بررسی تأثیر طرح تحول نظام سلامت بر میزان سزارین و میانگین هزینه پرداخت شده توسط مادران: مطالعه موردی استان کردستان 94-1392</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1543&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;میزان سزارین در دو دهه اخیر در ایران روند رو به رشدی داشته است. برنامه &amp;laquo;ترویج زایمان طبیعی&amp;raquo; در قالب طرح تحول نظام سلامت در کشور به منظور افزایش زایمان طبیعی اجرایی شده است. هدف پژوهش حاضر تعیین تأثیر طرح تحول نظام سلامت بر میزان سزارین و هزینه پرداخت شده توسط مادران بستری در بیمارستان های استان کردستان است.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;این مطالعه توصیفی به صورت طولی و گذشته نگر انجام گرفته است. میزان سزارین در همه بیمارستان های استان کردستان برای سال 1392 و طی یک سال بعد از اجرای طرح تحول نظام سلامت و همچنین داده های مربوط به درصد پرداخت از جیب در یکی از بیمارستان های دانشگاه علوم پزشکی کردستان که به صورت تصادفی انتخاب شد، مورد بررسی قرار گرفت. داده ها در نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.20&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تحلیل شد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;میزان سزارین در استان کردستان طی یک سال بعد از اجرای طرح تحول نظام سلامت، نسبت به میزان پایه خود در سال 1392، کاهشی 02/14 درصدی داشته است (001/0&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;). میانگین درصد پرداخت صورت حساب بیمارستان از جیب قبل از اجرای طرح تحول نظام سلامت 05/16% بوده است. این درصد بعد از اجرای مرحله اول و سوم طرح به 30/4% و 5/2% کاهش پیدا کرده است.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;برنامه ترویج زایمان طبیعی، به هدف از پیش تعیین شده خود، یعنی کاهش 10 درصدی میزان سزارین طی یک سال بعد از اجرای طرح تحول نظام سلامت نسبت به میزان پایه، دست یافته و درصد هزینه پرداخت شده از جیب در صورت حساب بیمارستان کاهش چشم گیری داشته است.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>قباد مرادی</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>بررسی عوامل مؤثر بر فاصله ازدواج تا تولد اول با استفاده از مدل رگرسیونی کاکس</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1547&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;باروری مهم ترین عامل تأثیرگذار بر نوسانات جمعیتی می باشد. رفتارهای باروری یک جامعه را به روش های مختلفی می توان بررسی نمود. یکی از این روش ها بررسی مدت زمان ازدواج تا تولد فرزند اول است. هدف از این مطالعه تعیین عوامل مؤثر بر فاصله ازدواج تا تولد اول با استفاده از مدل رگرسیونی کاکس است&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;در این مطالعه 1230 مادر که زایمان اول داشتند از میان مادران مراجعه کننده به مراکز بهداشتی شهری و روستایی شهرستان بندرعباس در سال 92-1391 انتخاب و مورد مطالعه قرار گرفتند. بررسی فاصله تولد اول و عوامل مؤثر بر این فاصله با استفاده از مدل رگرسیونی کاکس (مخاطره متناسب) انجام یافت. برای تجزیه و تحلیل توصیفی داده ها از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.22&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; و برای مدل سازی داده ها از نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;R&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; نسخه &lt;/em&gt;&lt;em&gt;1. 2. 3&lt;/em&gt;&lt;em&gt; استفاده شد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;در این مطالعه میانگین و انحراف معیار فاصله ازدواج تا تولد اول 35/24&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;63/27 ماه بود. براساس مدل کاکس، سن مادر هنگام اولین ازدواج با نسبت خطر برابر با 13/1 (25/1&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;ndash;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;01/1) و محل سکونت با نسبت خطر برابر با 28/1(46/1-12/1) اثر معنادار بر فاصله ازدواج تا تولد اول داشتند&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;مقایسه نتایج حاصل از مطالعه حاضر با مطالعات قبلی نشان می دهد که فاصله ازدواج تا تولد اول کاهش یافته است و در عوامل مؤثر بر این فاصله نیز تغییراتی دیده می شود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>مریم کاظمی</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>تأثیر پانسمان چشمی بر عوارض و علایم بالینی بیماران مبتلا به کراتیت ناشی از اشعه ماورای بنفش: یک کارآزمایی بالینی تصادفی شده</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1557&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;کراتیت ناشی از اشعه ماورای  بنفش التهاب لایه اپی تلیوم قرنیه و کونژ ناشی از تابش اشعه ماورای  بنفش است و با عوارضی نظیر درد شدید چشم، کاهش حدت بینایی، اشک ریزش شدید و قرمزی چشم همراه می باشد. استفاده از پانسمان اولیه چشم در مبتلایان مورد تردید است، لذا&lt;/em&gt;&lt;em&gt; مطالعه حاضر با هدف تعیین تأثیر پانسمان چشمی بر بهبود علایم بالینی بیماران با کراتیت ناشی از اشعه ماورای بنفش طراحی و اجرا گردید&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;در این کارآزمایی بالینی 120 نفر از بیماران با &lt;/em&gt;&lt;em&gt;کراتیت ناشی از اشعه &lt;/em&gt;&lt;em&gt;ماورای بنفش&lt;/em&gt; &lt;em&gt;مراجعه کننده به اورژانس مرکز فوق تخصصی خاتم الانبیای دانشگاه علوم پزشکی مشهد در سال 1394 به طور تصادفی به دو گروه 60 نفره، با پانسمان و بدون پانسمان چشمی تخصیص یافتند (&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;IRCT2015092124124N1&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;). &lt;/em&gt;&lt;em&gt;در یکی از گروه ها هر دو چشم پانسمان گردید و گروه دیگر پانسمان نشدند. بقیه مراقبت ها در هر دو گروه یکسان بود. علایم بالینی قبل و پس از 12 ساعت در دو گروه بررسی و مقایسه شد. د&lt;/em&gt;&lt;em&gt;اده ها با استفاده از آمار توصیفی و آزمون های تی مستقل، تی زوجی، مجذور کای و ویلکاکسون در نرم افزار &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.23&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; تجزیه و تحلیل شد. مقادیر &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt; کم تر از 05/0 معنادار در نظر گرفته شد.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;: نتایج نشان داد میزان قرمزی (001/0&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) و اشک ریزش (001/0&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) در گروه بدون پانسمان بهتر بهبود پیدا کرده و میانگین حدت بینایی در دو گروه اختلاف معناداری نداشت (05/0&lt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;نتیجه گیری: &lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;پانسمان چشم تأثیری در بهبود علایم بالینی اشک ریزش و قرمزی چشم نداشته و بدون پانسمان این علایم بیش تر رفع می شود.&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>ابوالفضل رحمانی نژاد</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>بررسی تأثیر آرام‌سازی پیش‌رونده عضلانی بر شدت سندرم پاهای بیقرار بیماران تحت درمان با همودیالیز</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1562&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;سندرم پاهای بی قرار از عوارض شایع در &lt;/em&gt;&lt;em&gt;بیماران همودیالیزی است. روش آرام سازی پیش رونده عضلانی برای کاهش تنش، درد و اضطراب بیماران طراحی  شده است. پژوهش حاضر، با هدف تعیین تأثیر   آرام سازی پیش رونده عضلانی بر شدت سندرم پاهای بی قرار بیماران همودیالیزی انجام یافته است&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt; در &lt;/em&gt;&lt;em&gt;ایــن مطالعــه نیمه تجربی (&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;IRCT2015102824769N1&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) تعداد 74 &lt;/em&gt;&lt;em&gt;بیمار همودیالیزی به روش در دسترس انتخاب و براساس شماره پرونده به گروه شاهد و مداخله تخصیص یافتند. تکنیک آرام سازی پیش رونده عضلانی، در &lt;/em&gt;&lt;em&gt;دو&lt;/em&gt;&lt;em&gt; جلسه نیم ساعته به بیماران گروه آزمون آموزش داده شد و آنان این تکنیک را به مدت یک ماه و روزی دو بار، انجام دادند. شدت سندرم پاهای بی قرار با استفاده از پرسشنامه استاندارد سندرم پاهای بی قرار اندازه گیری شد. تجزیه  و تحلیل داده ها با استفاده از آزمون های&lt;/em&gt; &lt;em&gt;آمار توصیفی و تحلیلی (تی مستقل، تی زوجی و&lt;/em&gt; &lt;em&gt;آنالیز&lt;/em&gt;&lt;em&gt; کوواریانس) در نرم افزار آماری &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.23&lt;/span&gt;&lt;/em&gt; &lt;em&gt;ا&lt;/em&gt;&lt;em&gt;نجام یافت&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;متغیرهای زمینه ای گروه آزمون و شاهد قبل از مداخله تفاوت معناداری نداشته است (05/0&lt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;). نمره شدت سندرم پاهای بی قرار قبل از مداخله در گروه آزمون 33/7&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;24/28 و در گروه شاهد 85/9&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;57/25 بوده (189/0=&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) پس از مداخله نمره گروه آزمون به 66/5&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;67/10 و شاهد به 69/9&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;16/26 تغییر یافت (001/0&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;). بین میانگین نمرات شدت پاهای بی قرار دو گروه بعد از حذف اثر شدت پاهای بی قرار پیش آزمون نیز تفاوت معناداری مشاهده شد (0001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;)&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;استفاده از &lt;/em&gt;&lt;em&gt;تکنیک آرام سازی پیش رونده عضلانی موجب کاهش شدت سندرم پاهای بی قرار در بیماران همودیالیزی می شود. بنابراین استفاده از این &lt;/em&gt;&lt;em&gt;تکنیک به عنوان یک روش غیردارویی جهت بهبود سندرم پاهای بی قرار در این بیماران توصیه می شود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>موسی الرضا تدین فر</author>
						<category></category>
					</item>
					
					<item>
						<title>مقایسه ادراک پرستاران مراقبت ویژه نوزادان و مادران نوزادان بستری از «برقراری ارتباط پرستاران با مادران»</title>
						<link>http://journals.tums.ac.ir/hayat/browse.php?a_id=1565&amp;sid=1&amp;slc_lang=fa</link>
						<description>&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;زمینه و هدف: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;امروزه اساس ارایه مراقبت در بخش مراقبت ویژه نوزادان، مراقبت خانواده محور است و ارتباط، هسته اصلی مراقبت خانواده محور محسوب می شود. این مطالعه با هدف مقایسه ادراک&lt;/em&gt;&lt;em&gt; پرستاران بخش مراقبت ویژه نوزادان و مادران نوزادان بستری &lt;/em&gt;&lt;em&gt;از &amp;laquo;برقراری ارتباط پرستاران با مادران&amp;raquo; انجام یافته است&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;روش بررسی:&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt; &lt;em&gt;این مطالعه از نوع مقطعی است. &lt;/em&gt;&lt;em&gt;70 مادر نوزاد بستری و 70 پرستار شاغل در بخش مراقبت ویژه نوزادان بیمارستان های دانشگاهی و تأمین اجتماعی شهر یزد در سال 1394 با نمونه گیری در دسترس انتخاب شدند. پرسشنامه های پژوهش، شامل پرسشنامه جمعیت شناختی مادران و پرستاران و پرسشنامه &amp;laquo;ادراک مادران از برقراری ارتباط پرستاران با مادران&amp;raquo; و پرسشنامه &amp;laquo;ادراک پرستاران از برقراری ارتباط پرستاران با مادران&amp;raquo; بود. &lt;/em&gt;&lt;em&gt;جهت تجزیه و تحلیل داده ها از آمار توصیفی و آزمون آماری تی مستقل در نرم افزار آماری &lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;SPSS v.19&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;، استفاده شد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;یافته ها&lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;: &lt;em&gt;میانگین سن در پرستاران 99/6&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;36/33 و در مادران 40/6&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;77/29 سال بود. میانگین و انحراف معیار نمره ادراک از &amp;laquo;ارتباط پرستاران با مادران&amp;raquo; در پرستاران 92/6&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;69 و در مادران 99/11&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&amp;plusmn;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;66/57 بود آزمون آماری تی مستقل اختلاف آماری معناداری (001/0&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;p&lt;/span&gt;&lt;/em&gt;&lt;em&gt;) را از این لحاظ نشان داد&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;em&gt;نتیجه گیری: &lt;/em&gt;&lt;/strong&gt;&lt;em&gt;با توجه به تفاوت موجود بین ادراک پرستاران و مادران از برقراری ارتباط بین پرستاران و مادران، ضروری به نظر می رسد که &lt;/em&gt;&lt;em&gt;مداخلاتی در جهت آشناسازی پرستاران با انتظارات مادران از کیفیت و نحوه ارتباط بین پرستار و مادر طراحی و به اجرا گذاشته شود&lt;/em&gt;&lt;em&gt;.&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</description>
						<author>نیر سلمانی</author>
						<category></category>
					</item>
					
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